Ek Ladki Hi Jo Mujhe, Mujhse Jyada chahti Hai
एक लड़की है जो मुझे मुझसे ज्यादा चाहती है दुनिया भर की बाते, आकर मुझे बताती है रूठ के मुझसे पास मेरे ही आती है। मेरे ख्वाबों को अपने, वो पलकों मे सजाती है हो जाऊ कभी जो उदास, गाना बेसुरा सा गा के सुनाती है जूठे वादे करना आता नहीं है उसे बस बात जब मेरी हो, दुनिया से लड़ जाती है खामोशियों को मेरी, ना जाने केसे जान लेती है मेरे दर्द मे मेरे साथ, आंसू वो भी बहती है खुशी हो या गम, वो साथ सदा रहती है जो कॉल पे बात करते करते सो जाऊ वो नहीं मुझे उठाती है मेरी गलती पर भी, ना डांट कभी लगाती है जानता है नहीं कोई मुझे उससे ज्यादा साबित ये वो हर बार कर जाती है आखों मे मेरी झाक कर, हाल दिल का मेरे जान जाती है तकलीफ मे हो खुद,फिर भी देख मुझे मुस्कराती है जो ना हो कुछ घंटे बात, तो नाराज थोड़ा हो जाती है मेरी हर ख्वाहिश को, बड़े ही हक़ से पूरी करती है हा, एक लड़की है जो मुझे मुझसे ज्यादा चाहती है. Inspired by a poem of Amandeep Singh